असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में ट्रेनिंग के दौरान रडार से गायब हुआ भारतीय वायु सेना का सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट क्रैश हो गया। इस हादसे में दोनों पायलट स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर शहीद हो गए।
दो पायलट शहीद
वायुसेना ने गुरुवार देर रात 1 बजकर 9 मिनट पर विमान हादसे की पुष्टि की थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह 9:14 बजे किए गए एक अन्य एक्स (X) पोस्ट में दोनों पायलटों की मौत की जानकारी दी गई। सेना के मुताबिक घटनास्थल पर तलाशी अभियान जारी है।
ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय फाइटर जेट नियमित उड़ान या ट्रेनिंग मिशन पर था। इसी दौरान उसका ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। रडार से संपर्क समाप्त होते ही वायुसेना ने तुरंत अलर्ट जारी किया और मामले की जांच के लिए भारतीय वायुसेना की टीम को असम रवाना किया गया। फिलहाल विमान के क्रैश होने की सटीक वजह का पता लगाया जा रहा है।
सुखोई Su-30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसका इस्तेमाल वायु रक्षा, लंबी दूरी की स्ट्राइक और निगरानी जैसे अहम मिशनों में किया जाता है।
12 सालों में फाइटर जेट के करीब 8 हादसे हो चुके
बताया जा रहा है कि पिछले करीब 12 सालों में भारत में SU-30MKI फाइटर जेट के करीब 8 हादसे हो चुके हैं। इनमें से कुछ मामलों में पायलट समय रहते इजेक्ट होकर सुरक्षित बच गए, जबकि कुछ दुर्घटनाओं में जानमाल का नुकसान भी हुआ। फिलहाल असम में हुए ताजा हादसे की जांच जारी है।