जालंधर के भोगपुर इलाके में दो युवकों की संदिग्ध हालात में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या का शक जताया और न्याय की मांग को लेकर नेशनल हाईवे-44 पर भोगपुर अड्डे के पास धरना दे दिया। धरने के चलते हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे सैकड़ों वाहन एक घंटे से ज्यादा समय तक फंसे रहे। कई वाहन गांवों के रास्तों से निकलने को मजबूर हुए।
लोहड़ी की रात बाइक पर घर से निकले थे दोनों
मृतकों की पहचान अर्शप्रीत सिंह (17) और गोपेश के रूप में हुई है। दोनों युवक लोहड़ी की रात बाइक पर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने फोन किया तो रिंग जाती रही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अगले दिन 15 जनवरी की शाम करीब 8 बजे सूचना मिली कि दोनों की डेडबॉडी बहराम रोड से जुड़ी लिंक सड़क इट्टां बद्दी के पास पड़ी है। पुलिस ने उन्हें भोगपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार रात शव परिजनों को सौंपे गए। इसके बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि यह सड़क हादसा नहीं बल्कि हत्या है। उनका कहना है कि दोनों के सिर और माथे पर गंभीर चोटों के निशान हैं और धारदार हथियार से हमला किए जाने के सबूत भी दिखाई देते हैं। परिवार का सवाल है कि अगर हादसा था तो बाइक टूटी क्यों नहीं और मोबाइल फोन भी शवों के पास ही क्यों मिले।
दोनों को साजिश के तहत बुलाकर मारा गया
परिवार ने बताया कि गोपेश को किसी लड़की का फोन आया था, जिसने मिलने के लिए बुलाया था। इसी कॉल के बाद वह अर्शप्रीत को साथ लेकर निकला। परिजनों को शक है कि इसी मामले में दोनों को साजिश के तहत बुलाकर मारा गया। इसके अलावा डब्बरी गांव के कुछ युवकों से पुरानी रंजिश होने की बात भी सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि घटना से पहले धमकी भरे फोन कॉल आए थे, जिनकी पुलिस को गहराई से जांच करनी चाहिए।
परिजनों ने पुलिस पर केस को एक्सीडेंट दिखाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे की कहानी गढ़ने के लिए बाद में घटनास्थल पर एक रेहड़ा खड़ा किया गया, जबकि जब वे शव लेने पहुंचे थे, तब वहां ऐसा कुछ नहीं था। परिजनों ने दावा किया कि उनके पास सागर नाम के व्यक्ति की एक रिकॉर्डिंग है, जिसमें वह दोनों युवकों को जान से मारने की धमकी दे रहा है।
आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
धरना दे रहे लोगों की मांग है कि मामले में हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए, सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और जांच मर्डर एंगल से की जाए। परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक लड़की और उसके परिवार से पूछताछ नहीं होती और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
फिलहाल भोगपुर पुलिस ने मामले में एक्सीडेंट की धाराओं में केस दर्ज किया है, लेकिन परिजनों के दबाव और हालात को देखते हुए जांच को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हाईवे जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।