पंजाब में आज लोहड़ी के दिन कड़ाके की ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस सीजन में पहली बार मौसम विभाग ने ठंड को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार ठंड अपने पीक पर पहुंच चुकी है और 15 जनवरी तक इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। इस दौरान कई जिलों में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
ठंड की वजह से बठिंडा का न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो इस सीजन में पंजाब का सबसे कम तापमान है। बठिंडा इस समय शिमला और मसूरी से भी ज्यादा ठंडा दर्ज किया गया। हालात को देखते हुए पंजाब सरकार ने भी लोगों के लिए सतर्कता अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक 17 और 18 जनवरी को कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है, जिससे सूखी ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। कड़ाके की सर्दी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 13 जनवरी तक स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं, जबकि 14 जनवरी से स्कूल दोबारा खुलेंगे।
फाजिल्का के पंजकोसी इलाके में घनी धुंध छाई रही। इसकी तस्वीर विधायक संदीप जाखड़ ने सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने लिखा कि सुबह पंजकोसी में ठंड का तेज झोंका महसूस हुआ और रजाई छोड़कर बाहर निकलने में काफी हिम्मत जुटानी पड़ी।
9 जिलों में रेड अलर्ट, 12 जिलों में घना कोहरा
मौसम विभाग के अनुसार आज (13 जनवरी) को गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा और बठिंडा में कड़ाके की ठंड को लेकर रेड अलर्ट है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और लुधियाना में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। पठानकोट, होशियारपुर और नवांशहर में भी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।
15 जनवरी के बाद बढ़ेगा तापमान
चंडीगढ़ मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरिंदर पाल सिंह ने बताया कि बारिश न होने के कारण सूखी और तीखी सर्दी पड़ रही है। हालांकि कुछ इलाकों में धूप निकलनी शुरू हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। 15 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर पंजाब के मौसम पर भी पड़ेगा।
सेहत विभाग ने हेल्थ एडवाइजरी जारी की
पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि शीतलहर और कड़ाके की ठंड के दौरान बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों को खुद को गर्म रखने, सुबह-सुबह सैर से बचने और अंगीठी जलाकर बंद कमरों में सोने से परहेज करने की सलाह दी। सेहत मंत्री ने कहा कि करीब 15 दिन तक ऐसी स्थिति बनी रह सकती है, इसके बाद मौसम में सुधार होगा।



