उत्तर भारत के कई पहाड़ी इलाकों में ठंड और बारिश का असर तेज़ी से बढ़ गया। जम्मू-कश्मीर में बीती रात से मौसम बिगड़ने के कारण जनजीवन लगभग ठप हो गया है। इस साल पहली बार जम्मू प्रांत में इतने बड़े स्तर पर बारिश और बर्फबारी देखने को मिली है।बदलते मौसम का सबसे अधिक असर त्रिकुटा पहाड़ियों पर पड़ा है। यहां भारी बारिश और बर्फबारी के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए माता वैष्णो देवी की यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया है।
माता वैष्णो देवी भवन में रात से बारिश जारी थी, जबकि सुबह होते ही बर्फबारी शुरू हो गई। इसके बाद नए यात्रियों के पंजीकरण पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है।लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण त्रिकुटा पहाड़ियों के रास्ते बेहद फिसलन भरे हो गए हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। साथ ही भूस्खलन की आशंका को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया है।
बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार अगले 36 घंटों तक जम्मू-कश्मीर में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होती रहेगी।
जम्मू के मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है। पर्यटन स्थल पटनीटॉप में रात करीब 1:30 बजे से बर्फ गिरनी शुरू हुई, जो अब तक जारी है। इसके अलावा राजौरी और पूंछ के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी लगातार हिमपात हो रहा है। मौसम विभाग ने कई स्थानों पर भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की है।