पंजाब के अमृतसर जिले के रामदास निवासी नायब सूबेदार प्रगट सिंह (31) जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। शहीद जवान का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर बाद हवाई मार्ग से श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राजासांसी पहुंचेगा। इसके बाद पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव रामदास ले जाया जाएगा, जहां ग्रामीण और क्षेत्रवासी अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
शहीद प्रगट सिंह का अंतिम संस्कार मंगलवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। वे भारतीय सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट में तैनात थे। वर्ष 2015 में सेना में भर्ती होकर उन्होंने देश सेवा का संकल्प लिया था। फिलहाल उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में थी। शहादत के कारणों को लेकर अभी तक सेना या परिवार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रगट सिंह की शहादत की खबर मिलते ही उनके गांव रामदास सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोग नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी शहीद जवान की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने लिखा कि देश के लिए प्रगट सिंह के साहस और जज्बे को सलाम है। उन्होंने शहीद के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए भरोसा दिलाया कि इस कठिन घड़ी में पंजाब सरकार परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
शहीद नायब सूबेदार प्रगट सिंह अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी उनकी शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए एक महान बलिदान बताया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रगट सिंह का नाम हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा।