अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर लगातार दूसरे दिन भी हवाई हमले जारी हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इज़राइल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि ने हालात और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिए हैं।
पाकिस्तान के कराची में खामेनेई की मौत के विरोध में हजारों शिया मुसलमान सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका-इज़राइल विरोधी नारे लगाए और अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालात बेकाबू होने पर सुरक्षाकर्मियों की फायरिंग में 10 से ज्यादा लोगों के मारे जाने और कई के घायल होने की खबर है।
उधर, मिडिल ईस्ट में ईरान के हमले जारी हैं। कतर, दुबई और अबू धाबी में मिसाइल और ड्रोन अटैक की सूचनाएं सामने आई हैं। दुबई के मशहूर बुर्ज खलीफा के पास धमाके के बाद इलाके को खाली कराया गया और इमारत की लाइटें बंद कर दी गईं। ईरान का एयरस्पेस लगातार दूसरे दिन भी पूरी तरह बंद रहा।
CBSE की परीक्षाएं स्थगित
बिगड़ते हालात का असर शिक्षा और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। CBSE ने मिडिल ईस्ट के देशों बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई में 2 मार्च से होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
भारत में भी फ्लाइट ऑपरेशंस प्रभावित हुए हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत कई एयरपोर्ट्स पर इंटरनेशनल उड़ानें रद्द की गई हैं। एअर इंडिया और इंडिगो ने कई फ्लाइट्स कैंसिल या सस्पेंड की हैं, जिससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। सरकार ने यात्रियों की मदद के लिए 24×7 कंट्रोल रूम भी बनाया है।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ समेत देश के कई हिस्सों में खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। वहीं अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भी ईरान पर हमलों के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिले।
मिडिल ईस्ट में जारी इस युद्ध ने वैश्विक सुरक्षा, हवाई यातायात और आम नागरिकों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।