पाकिस्तान में रह रही भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर की भारत वापसी एक बार फिर टल गई है। सोमवार को अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते उन्हें भारत भेजने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन आखिरी समय पर पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने उनकी वापसी पर रोक लगा दी। इसके चलते सीमा पर मौजूद भारतीय एजेंसियों को सरबजीत कौर के बिना ही लौटना पड़ा।
पाक गृह मंत्रालय ने ऐन वक्त पर लगाई रोक
सरबजीत कौर पंजाब के कपूरथला जिले की रहने वाली हैं। वह नवंबर में सिख श्रद्धालुओं के एक जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं, लेकिन जत्थे की वापसी के दौरान वह भारत नहीं लौटीं। बाद में खुलासा हुआ कि उन्होंने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया, अपना नाम बदलकर नूर हुसैन रख लिया और पाकिस्तानी नागरिक नासिर हुसैन से निकाह कर लिया है। इसके बाद यह मामला पाकिस्तान में कानूनी विवाद में बदल गया, जिसके कारण उनकी भारत वापसी लगातार टलती रही।
1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान
सरबजीत कौर ने सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में अपना पासपोर्ट जमा कराया था, जहां से सिख जत्थे के तहत उनका वीजा लगाया गया था। 4 नवंबर को वह श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थीं। 10 दिन के दौरे के बाद 13 नवंबर को जत्था भारत लौटा, लेकिन जांच में पता चला कि सरबजीत कौर वापस नहीं आई हैं।
बाद में उर्दू में लिखा उनका निकाहनामा और एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने और नासिर हुसैन से शादी करने की बात कही। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तानी इमिग्रेशन फॉर्म में उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट से जुड़ी अहम जानकारियां नहीं भरी थीं, जिससे उन्हें ट्रेस करने में दिक्कत आई।
यह मामला लाहौर हाईकोर्ट तक भी पहुंचा। कोर्ट में सरबजीत कौर को भारत भेजने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई, जबकि सरबजीत और नासिर हुसैन ने पुलिस द्वारा परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की। नवंबर में हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि यदि धर्म परिवर्तन और शादी सरबजीत की मर्जी से हुई है, तो अधिकारियों को उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए। हालांकि, उनकी भारत वापसी को लेकर अंतिम फैसला अभी लंबित है।
अब एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से ऐन मौके पर रोक लगाए जाने से सरबजीत कौर के परिजन और भारतीय अधिकारी निराश नजर आ रहे हैं।