जालंधर में पीएपी परिसर में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पहुंचे, जहां उन्होंने नए भर्ती हुए युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि आज कुल 1,746 लड़के-लड़कियों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया से “कैश और फरमाइश” की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
सीएम मान ने स्वीकार किया कि पंजाब में गैंगवार की घटनाएं बढ़ी हैं और अब इन पर काबू पाने की जिम्मेदारी नए रिक्रूट्स पर भी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब तक 63 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पीएपी में कई बार आ चुके हैं। पहले एक कलाकार के तौर पर कार्यक्रमों में हिस्सा लेने आए, लेकिन अब गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके पास है। उन्होंने कहा कि वे पंजाब पुलिस को अच्छी तरह समझते हैं और पुलिस व्यवस्था की जमीनी हकीकत से वाकिफ हैं।
मुख्यमंत्री ने नए नियुक्त कर्मचारियों को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र उनकी ओर से लोहड़ी का तोहफा है। उन्होंने युवाओं से कहा कि जिन लोगों ने कभी ताने मारे होंगे, आज वही बधाई देने आएंगे।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है, जिसकी 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है और यह पूरा इलाका मैदानी है। ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी की कोशिशें होती रहती हैं, इसलिए आने वाले समय में ट्रेनिंग पूरी कर नए जवानों को ही सीमाओं की सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम भी मुहैया कराए हैं।
उन्होंने सड़क सुरक्षा फोर्स का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश की पहली ऐसी फोर्स है, जिसे लेकर सकारात्मक फीडबैक मिला है। 6 मिनट के रिस्पांस टाइम के चलते सड़क हादसों में मौतों की संख्या में 49 फीसदी की कमी आई है। साथ ही एक्सीडेंट में खोए गहनों और सामान को लोगों तक लौटाया गया है, जिसकी कीमत करीब 17 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री ने साइबर फ्रॉड को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए तकनीकी रूप से मजबूत युवाओं की भर्ती की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सड़कों पर कैमरे भी लगाए हैं, जिससे अपराध पर लगाम कसने में मदद मिल



