पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज जालंधर पहुंच रहे हैं। उनका कार्यक्रम PAP परिसर में आयोजित किया गया है, जहां वे अनुसूचित जाति के छात्रों को वजीफा राशि के चेक वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री के दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जालंधर पहुंचने का कार्यक्रम है।
सीएम के दौरे से पहले जालंधर में कर्मचारी संगठनों के कुछ नेताओं को पुलिस ने उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और विरोध का ऐलान किया था, जिसको देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, आप सरकार ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से कई वादे किए थे, लेकिन अब तक वे पूरे नहीं हुए। इसी के चलते पंजाब की कर्मचारी यूनियनों ने फैसला लिया था कि मुख्यमंत्री जहां-जहां जाएंगे, वहां उनका विरोध किया जाएगा। नेताओं का आरोप है कि शुक्रवार को जालंधर दौरे से पहले ही उन्हें घरों से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है।
PM के दौरे से पहले जालंधर पर सियासी फोकस
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को श्री गुरु रविदास जयंती के अवसर पर जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में माथा टेकेंगे और संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद लेंगे। इस दौरे से पहले जालंधर पर सभी राजनीतिक दलों का फोकस बढ़ गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री इस दौरान पंजाब के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं।
कर्मचारी नेता ने नजरबंदी की आलोचना की
सीपीएफ कर्मचारी यूनियन पंजाब के सूबा प्रधान सुखजीत सिंह ने नजरबंदी की निंदा करते हुए कहा कि वे लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के जालंधर दौरे से पहले ही गुरुवार को उन्हें उनके घर में नजरबंद कर दिया गया। सुखजीत सिंह ने सवाल उठाया कि यह किस तरह का लोकतंत्र है।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने से पहले सीएम मान ने धरना संस्कृति खत्म करने और कर्मचारियों की हर मांग को ध्यान से सुनकर हल करने का वादा किया था, लेकिन हकीकत इसके उलट है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर सरकार द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। कर्मचारी नेता ने मुख्यमंत्री से अपील की कि कर्मचारियों को घरों में बंद करने के बजाय उनसे बातचीत का रास्ता अपनाया जाए।



