ख़बरिस्तान नेटवर्क : सृष्टि स्थापना दिवस, विक्रमी संवत 2083 व आर्य समाज का स्थापना दिवस आर्य समाज द्वारा बी एल एम गर्ल्ज कालेज में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष्य में आर्य समाज द्वारा कार्यकारी प्रधान विनोद भारद्वाज एवं अमित शास्त्री के नेतृत्व में हवन यज्ञ किया गया।
यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए श्री शास्त्री ने कहा कि आदिकाल से ही हमारे ऋषि-मुनी, हमारे पूर्वज इसी माध्यम से न केवल अपनी पूजा अर्चना करते थे, बल्कि विज्ञान के भी कई अनुसंधान इसी माध्यम से करते थे। मगर दुख की बात यह है कि महाभारत काल के बाद हम इसे भूल गए, जिसे महार्षि दयानंद ने आर्य समाज की स्थापना करके पुन: इसे जीवित किया।
इस मौके पर कालेज की छात्रा द्वारा भजन भी प्रस्तुत किये गए। इस मोके पर आर्य समाज के वरिष्ठ नेता विनोद भारद्वाज ने कहा की आर्य समाज के 10 नियम हैं, जिनमें सत्य, विद्या, सामाजिक हित और ईश्वर की सर्वव्यापकता पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा की यह दिन भारतीय समाज में सुधार, जागृति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। आर्य समाज के सभी पधादिकारियों द्वारा अमित शास्त्री जी को सन्मान चिन्ह दिया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रिंसिपल तरनप्रीत कौर वालिया ने सभी को नव वर्ष की बधाई दी और आये हुए सभी आर्य समाज के गणमान्य अथितियों का धन्यवाद किया गया ।
इस मोके पर आर्य समाज व शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि जिया लाल शर्मा, वरिंदर सरीन , अक्षय तेजपाल, सुशील पूरी ,सतीश पूरी , ललित ओहरी , प्रिंसिपल पुनीत अनेजा ,प्रिंसिपल अरुणा ओबरॉय , प्रोफेसर विकास तेजी , प्रोफेसर रोबिन , प्रोफेसर निवेदिता , डॉ गौरी सहित बी एल एम गर्ल्ज के स्टाफ मेंबर भी मौजूद रहे।