मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने दो भारतीय एलपीजी गैस टैंकरों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह दावा न्यूज एजेंसी Reuters की रिपोर्ट में किया गया है।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत के झंडे वाले दो एलपीजी टैंकर जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत के लिए रवाना होंगे। इससे देश में घरेलू गैस आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक कच्चे तेल का टैंकर 1 मार्च के आसपास इसी समुद्री रास्ते को पार कर चुका है और वह सऊदी अरब का तेल लेकर शनिवार तक भारत पहुंच सकता है।
इससे पहले भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fattahali ने कहा था कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देगा। उन्होंने भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना रिश्तों और आपसी भरोसे का जिक्र भी किया था।
इस बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं। ब्रिटिश अखबार The Sun की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले में लगी चोट इतनी गंभीर थी कि उनका एक पैर काटना पड़ा और उनके लिवर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है।
मुजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की 28 फरवरी को हुई मौत के बाद 9 मार्च को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था।