अमेरिका में बर्फीला तूफान और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। हालात को देखते हुए 18 राज्यों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। बीते दो दिनों में 14,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेशनल वेदर सर्विस (NWS) के मुताबिक, करीब 20 करोड़ अमेरिकी, यानी देश की लगभग दो-तिहाई आबादी इस तूफान की चपेट में आ सकती है।
तूफान के डर से लोग ग्रॉसरी स्टोर्स पहुंच रहे
तूफान के डर से लोग बड़ी संख्या में ग्रॉसरी स्टोर्स पर पहुंच रहे हैं। कई जगहों पर पानी, अंडे, मक्खन और मीट जैसी जरूरी चीजों की कमी हो गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान के साथ भारी बर्फबारी, बारिश और अत्यधिक ठंड पड़ सकती है, जिससे हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं।
कई उड़ानें रद्द
परिवहन अधिकारियों ने वीकेंड पर यात्रा में भारी देरी और कैंसिलेशन की चेतावनी जारी की है। कई बड़े शहरों के एयरपोर्ट्स पर असर पड़ा है। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के अनुसार, शनिवार से सोमवार के बीच 14,800 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द की गईं। इसमें अमेरिकन एयरलाइंस की 43% और डेल्टा एयरलाइंस की 35% उड़ानें शामिल हैं। शनिवार को करीब 4,000 और सोमवार को 1,600 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं।
मौसम विभाग का कहना है कि यह तूफान हाई प्लेन्स से शुरू होकर धीरे-धीरे पूर्वी अमेरिका की ओर बढ़ेगा। इसके चलते मेम्फिस, नैशविल, वॉशिंगटन डीसी, बाल्टीमोर, फिलाडेल्फिया और न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों में भारी बर्फबारी होने की संभावना है। सदर्न रॉकीज और प्लेन्स से लेकर मिड-अटलांटिक और नॉर्थ-ईस्ट तक कई इलाकों में 12 इंच से ज्यादा बर्फ गिर सकती है।
न्यूयॉर्क शहर के आसपास रविवार सुबह से सोमवार तक 10 से 14 इंच तक बर्फबारी और 30 मील प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पूर्वी अमेरिका के कई हिस्सों में जमाने वाली ठंड पड़ सकती है। नॉर्थ टेक्सास में शुक्रवार रात से ही ओले गिरने शुरू हो गए हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका इस समय पोलर वोर्टेक्स यानी ध्रुवीय भंवर के प्रभाव से जूझ रहा है। यह आमतौर पर नॉर्थ पोल के आसपास घूमता है, लेकिन जब यह दक्षिण की ओर बढ़ता है तो अमेरिका, यूरोप और एशिया में भीषण ठंड और चरम मौसम की स्थिति पैदा कर देता है।