पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड और कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई रात करीब 10 बजे श्री मुक्तसर साहिब पुलिस ने दो साल पुराने रंगदारी मामले में की। गिरफ्तारी के वक्त दोनों अमृतसर में गोल्डन टेंपल के पास एक होटल में ठहरे हुए थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह और उनकी पत्नी प्रीतपाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में गांव उडेकरन निवासी एक शिक्षक से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गई थीं। इस मामले में 3 दिसंबर 2024 को एफआईआर दर्ज की गई थी।
विदेशी नंबर से आई थी धमकी
पीड़ित शिक्षक ने बताया कि 27 नवंबर 2024 को स्कूल ड्यूटी के दौरान उसे व्हाट्सएप पर एक विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बंबीहा गैंग का सदस्य बताते हुए 50 लाख रुपये की मांग की और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। कॉल्स का सिलसिला उसी दिन कई बार चला। छह दिन बाद दोबारा कॉल आने पर डर के कारण उसने फोन नहीं उठाया और परिवार की सलाह पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस का दावा – फिरौती की रकम से गुजारा
मुक्तसर साहिब पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि उस समय बंबीहा गैंग और गोल्डी बराड़ साथ-साथ काम कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि गोल्डी बराड़ के माता-पिता के पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था और वे कथित तौर पर रंगदारी की रकम से ही अपना गुजारा कर रहे थे।
गोल्डी बराड़ पर 10 लाख का इनाम
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।गोल्डी बराड़ का असली नाम सतविंदर सिंह है। उसका जन्म 1994 में श्री मुक्तसर साहिब में हुआ। उसके पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस से एएसआई पद से रिटायर हुए हैं। गोल्डी बराड़ को लॉरेंस गैंग का अहम सदस्य माना जाता रहा है और उस पर हत्या, रंगदारी, हथियार तस्करी समेत 50 से अधिक मामले दर्ज हैं।
वह स्टडी वीजा पर कनाडा गया, बाद में वहीं की नागरिकता हासिल की और विदेश से आपराधिक नेटवर्क चलाता रहा। 29 मई 2022 को मानसा में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद उसका नाम देश-विदेश में सुर्खियों में आया। जून 2022 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ, जबकि जनवरी 2024 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित कर UAPA के तहत कार्रवाई की।