पंजाब के संगरूर में कॉन्स्टेबल बहन और मां की हत्या को सड़क हादसा दिखाने के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पुलिसकर्मी गुरप्रीत सिंह ने पहले रात के समय अपनी मां इंद्रजीत कौर (55) और बहन सर्बजीत कौर (35) की घर में ही हत्या की। इसके बाद शवों को बहन की कार में रखकर ले गया और पकड़े जाने से बचने के लिए एक्सीडेंट का नाटक रचा।
आरोपी ने कार को पेड़ से टकराया और फिर आग लगा दी, ताकि मामला हादसा लगे। मौके से पुलिस को कार में दोनों के जले हुए कंकाल मिले थे। शुरुआत में पुलिस को यह रोड एक्सीडेंट प्रतीत हुआ, लेकिन संदेह के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
लोकेशन से खुली पोल, पूछताछ में कबूला जुर्म
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की मोबाइल लोकेशन खंगाली, जिससे उस पर शक गहराया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में गुरप्रीत ने हत्या और शव जलाने की बात कबूल कर ली।
पिता ने प्रॉपर्टी विवाद से किया इनकार
जहां पुलिस हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद की आशंका जता रही है, वहीं आरोपी के पिता करनैल सिंह ने इसे सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जमीन पहले ही बेटे के नाम कर दी गई थी, किसी तरह का विवाद नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक्सीडेंट की FIR में उनके बयान के नाम पर कई मनगढ़ंत बातें लिखी गईं, जो उन्होंने कभी नहीं कहीं।
FIR पर सवाल
17 जनवरी को दर्ज एक्सीडेंट की FIR में अज्ञात वाहन चालक की लापरवाही से टक्कर और आग लगने की कहानी दर्ज है। पिता करनैल सिंह का कहना है कि घटना रात में हुई थी और उन्हें सुबह 7 बजे सूचना मिली। वे मौके पर पहुंचे तो कार पूरी तरह जली हुई थी टक्कर का कोई स्पष्ट संकेत नहीं था।
सर्बजीत कौर और गुरप्रीत सिंह दोनों पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। सर्बजीत CID यूनिट दिड़बा में तैनात थीं, जबकि गुरप्रीत थाना सदर संगरूर में ड्यूटी पर था। सर्बजीत कुछ दिनों के लिए मायके आई हुई थीं।
जांच जारी
मामले की जांच DSP रुपिंदर कौर बाजवा कर रही हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी हत्या के बाद सबूत मिटाने की बात स्वीकार कर चुका है। हत्या के पीछे की असल वजह और घटनाक्रम का समय जांच पूरी होने पर स्पष्ट किया जाएगा।