इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को अब 22 दिन हो चुके हैं।लेकिन हैरानी की बात ये है कि दोनों पक्ष खुद को जीतता हुआ बता रहे हैं। वही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की नेवी, एयरफोर्स और एयर डिफेंस को काफी नुकसान पहुंचाया है, इसलिए वह खुद को जीत के करीब मानते हैं ।ट्रम्प ने साफ कहा कि अभी सीजफायर (युद्ध रोकना) नहीं होगा
जबकि दूसरी तरफईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान की जनता एकजुट है, दुश्मन (अमेरिका-इजराइल) अपने मकसद में कामयाब नहीं हुआ। इसलिए असली हार दुश्मन की हुई है।
ट्रम्प ने NATO देशों को कायर बताया
NATO देशों ने इस जंग में खुलकर अमेरिका का साथ नहीं दिया इस पर ट्रम्प ने उन्हें “कायर” तक कह दिया। United Nations ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने में मदद की बात कही।
ईरान और इजराइल दोनों तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले जारी है। सऊदी अरब ने 22 ड्रोन गिराए है , जबकि तेहरान में हमले, लेबनान में बमबारी
कतर के गैस प्लांट में आग जारी है। वही अगर मौत की बात करे तो 3000 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा (अलग-अलग रिपोर्ट) हजारों लोग घायल हुए है।
तेल और इकोनॉमी का बड़ा मुद्दा:
अमेरिका ने ईरान के तेल पर पहले सख्त प्रतिबंध लगाए थे ताकि -:
ईरान पैसा न कमा सके
उसकी ताकत कमजोर हो
अब क्या बदला?
लेकिन अब अमेरिका ने कुछ तेल पर 30 दिन की छूट दी है। ताकि दुनिया में तेल की कमी कम हो सके। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट (जहां से दुनिया का ~20% तेल जाता है) प्रभावित है। जिसके कारण तेल महंगा हो रहा है साथ ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, गैस सिलेंडर महंगा हो सकता है, फ्लाइट टिकट महंगे होंगे
सामान (सब्जी, राशन) भी महंगे हो सकते हैं।
वही सीधी बात है जंग जितनी लंबी चलेगी महंगाई उतनी बढ़ेगी। ट्रम्प के मुताबिक जंग 4–6 हफ्ते में खत्म हो सकती है। लेकिन अभी हालात बहुत तनावपूर्ण हैं सीजफायर के कोई साफ संकेत नहीं।