जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में महिला के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले में पुलिस कमिश्नर ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक ASI सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम घरेलू विवाद के एक मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस ने युवक को घर में सोते हुए ही पकड़ लिया और बिना कपड़े पहनने का मौका दिए उसे गली में घसीट लाया। इस दौरान युवक के साथ मारपीट भी की गई।
CCTV फुटेज के बाद एक्शन
जब उसकी मां बीच-बचाव के लिए आई, तो पुलिसकर्मियों ने महिला को बालों से पकड़कर बाहर खींच लिया और गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। इसी दौरान युवक ने भी पुलिसकर्मी पर हाथ उठा दिया। यह पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसकी फुटेज सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब राज्य महिला आयोग ने जालंधर की पुलिस कमिश्नर को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को 24 मार्च 2026 को चंडीगढ़ कार्यालय में दस्तावेजों सहित पेश होने के लिए कहा है।
थाना भार्गव कैंप के प्रभारी राजिंदर कुमार के अनुसार, घटना के समय वह ड्यूटी पर नहीं थे, लेकिन मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। मौके पर ASI प्रवीन कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे थे।
पुलिस उनके परिवार को झूठे मामले में फंसा रही – महिला का दावा
वहीं, पीड़ित महिला ममता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके बेटों को जबरन उठाया गया, उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें गालियां दी गईं। महिला ने यह भी दावा किया कि पुलिस उनके परिवार को झूठे मामले में फंसा रही है।