पंजाब के जालंधर में बाइक रोककर चालान काटने के नाम पर की जा रही कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। पिम्स अस्पताल के सामने लगाए गए एक संदिग्ध नाके पर बाइक सवार युवकों ने सतर्कता दिखाई तो हंगामा खड़ा हो गया। शक होने पर युवकों ने वीडियो बनानी शुरू कर दी, जिससे नाका लगाने वाला वर्दीधारी युवक और उसके साथ मौजूद दो अन्य युवक घबरा गए और मौके से फरार हो गए।
अर्बन एस्टेट निवासी आकाशदीप सिंह ने बताया कि वह अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी से लौट रहा था। रात करीब साढ़े 10 बजे पिम्स अस्पताल के सामने एक वर्दीधारी युवक और दो सिविल ड्रेस में मौजूद युवकों ने उसकी बाइक रोक ली। कागजात मांगने के बाद नंबर प्लेट न होने का हवाला देकर मोटा चालान काटने की धमकी दी गई। आरोप है कि बाद में मौके पर ही पैसे लेकर मामला निपटाने का दबाव बनाया गया।
शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया
जब आकाशदीप ने वर्दीधारी युवक से उसका थाने और पहचान संबंधी विवरण पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। पहले उसने खुद को थाना डिवीजन-7 का मुलाजिम बताया, फिर थाना-6 और बाद में स्पेशल स्टाफ से जुड़ा होने की बात कहने लगा। लगातार बदलते बयानों से युवक का शक और गहरा गया, जिसके बाद उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा कर लिया।
भीड़ बढ़ती देख और वीडियो बनते हुए देख वर्दीधारी युवक अपने दोनों साथियों के साथ बिना चालान किए फरार हो गया। बाद में स्थानीय थाने से जानकारी लेने पर पता चला कि न तो वहां किसी पुलिसकर्मी की नाकाबंदी ड्यूटी थी और न ही उस स्थान पर चेकिंग की अनुमति दी गई थी।
व्यक्ति का दावा युवक शिवसेना के एक नेता का गनमैन है
इस बीच भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने दावा किया कि वर्दी पहना युवक शिवसेना के एक नेता का गनमैन है। फिलहाल पुलिस नकली नाकाबंदी लगाने वाले युवकों की तलाश कर रही है। वहीं आकाशदीप सिंह ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपेंगे।