पंजाब और चंडीगढ़ में आज मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चंडीगढ़ के साथ-साथ मोहाली और जालंधर में बारिश शुरू हो गई है। मोहाली में दिन के समय ही अंधेरे जैसे हालात बन गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, मोहाली (एसएएस नगर) और मलेरकोटला में गरज-चमक के साथ तूफान आने की संभावना है। विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार काफी तेज रह सकती है।
इसके साथ ही मौसम विभाग ने बताया कि 30 जनवरी 2026 की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते आने वाले दिनों में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
अगले दिनों का तापमान और बारिश का अनुमान
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 28, 31 जनवरी और 1 फरवरी को भी कुछ स्थानों पर बारिश के आसार बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट आ सकती है और फिर दोबारा 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
अगले तीन दिन का पूर्वानुमान
28 जनवरी: कई जिलों में शीतलहर चलने की संभावना, कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश।
29 जनवरी: शीतलहर के आसार, मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना।
30 जनवरी: ठंडी लहर का असर, मौसम शुष्क बना रह सकता है।
जालंधर में बढ़ी ठंड
जालंधर में सुबह से ही बूंदाबांदी जारी है। बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। मंगलवार को जालंधर का अधिकतम तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है। आसमान में काले बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन की रफ्तार धीमी हो गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले दो दिनों तक ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं। यह बारिश किसानों के लिए कहीं राहत तो कहीं चिंता का कारण बन सकती है, खासकर उन फसलों के लिए जिन्हें इस समय अधिक नमी की आवश्यकता नहीं है।