लुधियाना के सलेम टाबरी इलाके में 30 साल के युवक दविंदर की नृशंस हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। तीन डॉक्टरों के विशेष बोर्ड ने शव का पोस्टमॉर्टम किया, जिसमें फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. करण प्रमोद, डॉ. अभयदीप और डॉ. पवनदीप कौर शामिल थे। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि हत्या से पहले दविंदर को हाथ पर इंजेक्शन लगाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, गिरने के बाद दविंदर के सिर में हेमरेज जैसी गंभीर चोट के भी सबूत मिले हैं। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए विसरा को फोरेंसिक साइंस लैब भेज दिया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के लिए शव छह टुकड़ों में लाया गया था, जबकि दाहिना हाथ गायब था।
पुलिस लापता हाथ की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि दविंदर का शव 8 जनवरी को सलेम टाबरी इलाके में छह टुकड़ों में कटा हुआ मिला था। घटना के अगले दिन पुलिस ने आरोपी शमशेर सिंह उर्फ शेरा और उसकी पत्नी कुलदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी शमशेर सिंह और दविंदर आपस में दोस्त थे। पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के चलते शमशेर ने दविंदर की हत्या कर दी। बाद में शव को छुपाने के लिए आरी से उसके छह टुकड़े किए और अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया।
मामले की जांच कर रहे एएसआई जिंदर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान इस हत्याकांड से जुड़े और भी अहम राज सामने आने की संभावना है।