चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करेगा। संभावना है कि पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में दो-दो चरणों में मतदान कराया जाए, जबकि केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में वोटिंग हो सकती है। इन पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है।
इस बार मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद तमिलनाडु में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए हैं। पहले यहां 6.41 करोड़ मतदाता थे, लेकिन करीब चार महीने चली प्रक्रिया के बाद 74 लाख से ज्यादा नाम सूची से हटा दिए गए। अब राज्य में 5.67 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। पश्चिम बंगाल में करीब 58 लाख, केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में करीब 77 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
राजनीतिक तौर पर भी पांचों राज्यों में मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने भाजपा मुख्य चुनौती है। अगर तृणमूल कांग्रेस फिर जीतती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनकर नया रिकॉर्ड बना सकती हैं।
असम में भाजपा पिछले 10 साल से सत्ता में है और इस बार तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारी में है। वहीं तमिलनाडु में पिछले 60 साल से भाजपा या कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है, लेकिन इस बार भाजपा AIADMK के साथ गठबंधन कर मैदान में उतर सकती है। केरल में वाम मोर्चा सत्ता में है और कांग्रेस गठबंधन एंटी-इनकम्बेंसी के सहारे वापसी की कोशिश में है, जबकि पुडुचेरी में AINRC-BJP गठबंधन की सरकार है और कांग्रेस-डीएमके गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए प्रयास कर रहा है।