मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष आज 25 दिन हो गए हैं। वही इस बीच Iran ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाला नहीं है। ईरान का कहना है कि जब तक उसे हुए नुकसान की भरपाई नहीं मिलती, तब तक जंग जारी रहेगी। वही ईरानी सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaee ने कहा कि देश की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं। उन्होंने मांग रखी कि सभी आर्थिक प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं और United States भविष्य में किसी भी तरह की दखलंदाजी न करने की ठोस गारंटी दे।
रजेई ने टीवी बयान में कहा कि ईरानी सेना पूरी ताकत के साथ ऑपरेशन चला रही है और नया नेतृत्व हालात को मजबूती से संभाल रहा है। उन्होंने बताया कि 16 मार्च को मुजतबा खामेनेई ने उन्हें अपना सलाहकार नियुक्त किया था। इससे पहले वे रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख रह चुके हैं।
इस बीच ईरानी संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि देश की जनता हमलावरों को कड़ी सजा देने की मांग कर रही है।
“एक हफ्ते में खत्म हो सकती थी जंग”
मोहसिन रजेई ने दावा किया कि यह युद्ध एक हफ्ते के भीतर खत्म हो सकता था, लेकिन Israel की वजह से यह लंबा खिंच गया। उनके मुताबिक, अमेरिका युद्धविराम के लिए तैयार था, लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने हमले जारी रखने पर जोर दिया।उन्होंने यह भी कहा कि जंग के 15वें दिन के बाद अमेरिका को समझ आ गया था कि इस संघर्ष में जीत हासिल करना आसान नहीं है।
जंग के बीच बढ़ती तबाही
जंग के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया, जिसमें भूमिगत मिसाइल ठिकाने दिखाए गए। वहीं, इजराइल ने लेबनान की लितानी नदी पर बने अल-कासमिया ब्रिज को उड़ा दिया, जिससे दक्षिण और उत्तरी लेबनान के बीच संपर्क टूट गया। इसके अलावा, तेहरान में हुए एक हमले में एक प्रोफेसर और उनके दो बच्चों की मौत हो गई, जो इस संघर्ष की गंभीरता को दिखाता है।
इस जंग का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है। ऊर्जा संकट बढ़ रहा है, कई देशों ने चिंता जताई है और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देश भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।