अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग 25वें दिन और तेज होती नजर आ रही है। मंगलवार को ईरान के कई अहम एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्फहान में गैस प्लांट और कंट्रोल स्टेशन पर हमला हुआ, जबकि खोर्रमशहर के पावर प्लांट और गैस पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा।
दूसरी ओर, लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह ने इजराइल के 5 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। संगठन का दावा है कि उसने इजराइली सेना की छावनी, रडार सिस्टम और तोपखाने को निशाना बनाया।
इस बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए ईरान पर संभावित हमले को 5 दिन के लिए टाल दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच 15 मुद्दों पर सहमति बनी है, हालांकि इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
हालांकि तेहरान ने इन बातचीतों से इनकार किया है। वहीं पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये मिलकर मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ट्रम्प से भी बातचीत की है।
जमीनी हालात की बात करें तो इजराइल और ईरान के बीच हमले लगातार जारी हैं। पिछले 24 घंटों में ईरान ने इजराइल पर 7 मिसाइल हमले किए, जबकि इजराइल ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के 50 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। वही अब तक इस जंग में 2,663 मौतें हो चुकी है। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी समझौते की संभावना नहीं दिख रही और युद्ध अभी कई हफ्तों तक जारी रह सकता है।
जंग के बीच बढ़ती तबाही
जंग के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया, जिसमें भूमिगत मिसाइल ठिकाने दिखाए गए। वहीं, इजराइल ने लेबनान की लितानी नदी पर बने अल-कासमिया ब्रिज को उड़ा दिया, जिससे दक्षिण और उत्तरी लेबनान के बीच संपर्क टूट गया। इसके अलावा, तेहरान में हुए एक हमले में एक प्रोफेसर और उनके दो बच्चों की मौत हो गई, जो इस संघर्ष की गंभीरता को दिखाता है।
इस जंग का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है। ऊर्जा संकट बढ़ रहा है, कई देशों ने चिंता जताई है और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देश भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।