पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का गाजियाबाद में पर्दाफाश हुआ है। वही पकड़े गए जासूसी नेटवर्क के खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में सामने आया है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐक्टिव था। जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े लोग मंदिरों, रेलवे स्टेशनों और सुरक्षाबलों के ठिकानों जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों की फोटो और वीडियो बनाकर अपने हैंडलर तक पहुंचाते थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह डेटा पाकिस्तान में बैठे लोगों तक भेजा जाता था।
इस मामले में नौशाद अली को मुख्य आरोपी माना जा रहा है, जो अपने साथियों से जानकारी जुटवाकर एक खास मोबाइल ऐप के जरिए आगे भेजता था। उसे बैद्यनाथ धाम (देवघर मंदिर) की वीडियो और लोकेशन भेजने का काम भी सौंपा गया था, जिससे साफ है कि धार्मिक स्थल भी इनके निशाने पर थे। इस केस में गिरोह के सरगना सुहेल समेत अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने नौशाद अली के अलावा मथुरा की एक महिला और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें इस नेटवर्क से जोड़ने वाला सुहेल ही था।
फोटो के लिए 4 से 6 हजार रुपये तक मिलते थे
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए पाकिस्तान भेजता था। इसके बदले उन्हें हर फोटो के लिए 4 से 6 हजार रुपये तक मिलते थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह ने दिल्ली और हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों पर गुप्त कैमरे लगा रखे थे। इन कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग का एक्सेस पाकिस्तान में बैठे लोगों को दिया गया था, जिससे वे सीधे संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहे थे।
50 सोलर कैमरे लगाने की थी प्लानिंग
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने की योजना पर काम कर रहा था, जिनमें से कुछ जगहों पर कैमरे लगाए भी जा चुके थे। दिल्ली और सोनीपत में लगे कैमरों को बरामद कर लिया गया है और उन्हें अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे से जुड़े थे सारे
जांच में यह भी सामने आया है कि नेटवर्क के सदस्य सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे से जुड़े थे। नौशाद की पहचान मीरा नाम की महिला से ऑनलाइन हुई थी, जो पहले से इस नेटवर्क का हिस्सा थी। उसके फोन से कई संवेदनशील जगहों की फोटो और वीडियो बरामद हुई हैं, साथ ही उस पर अवैध हथियारों से जुड़े होने का शक भी जताया जा रहा है।