देशभर में आज यानी 7 फरवरी को ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों ने एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल के चलते ड्राइवर अपने मोबाइल ऐप बंद रखेंगे, जिससे ऑनलाइन कार, ऑटो और बाइक-टैक्सी सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। इससे यात्रियों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने राष्ट्रीय मजदूर संगठनों के साथ मिलकर इस आंदोलन को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम दिया है। यूनियन का कहना है कि ऐप-आधारित ड्राइवरों के लिए न तो न्यूनतम किराया तय है और न ही कोई स्पष्ट नियम, जिससे उनका लगातार शोषण हो रहा है।
नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की
यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की है कि सरकार किराया तय करे और एग्रीगेटर कंपनियों पर नियम लागू करे। ड्राइवरों का आरोप है कि कंपनियां मनमाने ढंग से कमीशन काटती हैं, जिससे उनकी आमदनी असुरक्षित हो गई है और काम करने की स्थिति बदतर होती जा रही है।
महाराष्ट्र कामगार सभा ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि अनिवार्य पैनिक बटन डिवाइस लगाने से ड्राइवरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। संगठन के मुताबिक, पुराने डिवाइस हटाकर नए डिवाइस लगाने में ड्राइवरों को करीब 12 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
ड्राइवर संगठनों ने ओपन परमिट पॉलिसी के तहत ऑटो रिक्शा की बढ़ती संख्या और अवैध बाइक-टैक्सी संचालन से हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि इन समस्याओं के कारण लाखों गिग वर्कर्स आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं, जबकि एग्रीगेटर कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं।