मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi कल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को देखते हुए राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करना है।
टीम इंडिया’ भावना से बनेगी रणनीति
बैठक में “टीम इंडिया” की भावना के साथ केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर रहेगा, ताकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए देश पूरी तरह तैयार रहे।इस दौरान ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा बड़ा मुद्दा रहेगा। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ऐसे में केंद्र और राज्य मिलकर ईंधन की उपलब्धता, कीमतों और सप्लाई चेन को बनाए रखने पर चर्चा करेंगे।
इसके अलावा समुद्री व्यापार मार्गों पर असर और जरूरी सामान की सप्लाई बाधित न हो, इसके लिए भी रणनीति बनाई जा सकती है।इससे पहले केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, जिसमें केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने बताया कि सरकार ने विपक्ष के सभी सवालों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में सभी को एकजुट होकर काम करना जरूरी है।
बैठक में होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस सप्लाई को लेकर भी चर्चा हुई थी। सरकार ने बताया कि भारत पहले ही चार जहाज सुरक्षित लाने में सफल रहा है, जिससे विपक्ष भी संतुष्ट नजर आया।
केंद्र को मिलकर काम करना होगा
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 24 मार्च को राज्यसभा में कहा कि यदि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष लंबा चलता है, तो इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाला समय देश के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है। ऐसे हालात में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए सभी को ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ मिलकर काम करना होगा, तभी देश मजबूती से हर परिस्थिति का सामना कर पाएगा।