ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा केस में सभी विपक्षी पार्टियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन को रोकने करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
पुलिस और पार्टी वर्करों के बीच हुई धक्का-मुक्की
चंडीगढ़ में प्रदर्शन शुरू होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया था। जैसे ही विपक्षी दलों के वर्करों ने सरकारी आवास का घेराव करने के लिए कदम बढ़ाए, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। बैरिकेड्स लांघने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
तीन प्रमुख पार्टियों के नेता हिरासत में
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रताप सिंह बाजवा को हिरासत में ले लिया है।
इंसाफ नहीं मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा- मजीठिया
हिरासत में लिए जाने के दौरान बिक्रम मजीठिया ने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीति की नहीं बल्कि इंसानियत की है। उन्होंने लालजीत सिंह भुल्लर की तत्काल गिरफ्तारी और इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग रखी। जब तक रंधावा परिवार को इंसाफ नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
पंजाबियत के नाम पर एकजुट हुआ विपक्ष -बाजवा
कांग्रेस नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बाजवा ने आरोप लगाया कि जिस तरह से FIR दर्ज करने में 20 घंटे की देरी की गई, उससे साफ है कि सरकार आरोपियों को ‘क्लीन चिट’ देने की तैयारी कर रही है। हालांकि सभी राजनीतिक दलों के अपने अलग एजेंडे हैं, लेकिन आज वे ‘पंजाबियत’ और न्याय के लिए एक साथ आए हैं।