ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के फोर्टिस अस्पताल में एक किन्नर ने नौकरी को लेकर जमकर हंगामा किया। किन्नर ने बताया कि अस्पताल मैनेजमैंट की तरफ से उसे पहले नौकरी का आश्वासन दिया गया। पर बाद में अस्पताल वालों ने नौकरी देने से इनकार कर दिया। उसने अस्पताल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि किन्नर यहां काम नहीं कर सकते।
2 महीने पहले नौकरी के लिए किया था अप्लाई
किन्नर गरजोया ने बताया कि वह फुटबॉल चौक के पास बस्ती 9 में रहती है। उसने नौकरी के लिए 2 महीने पहले अस्पताल में अप्लाई किया था। उस दौरान अस्पताल का नाम श्रीमन था और स्टाफ कोई ओर था। आरोप है कि उस दौरान दीपक नामक व्यक्ति ने नंबर लेकर नौकरी देने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद वह गलत मैसेज करके नौकरी देने का आश्वासन देने लग गया।
उसने नौकरी करने से मना कर दिया। लेकिन अब फोर्टिस अस्पताल वालों ने उसे दोबारा नौकरी के लिए बुलाया तो वह सारे डॉक्यूमेंट्स अस्पताल मैनेजमैंट को दे दिए।
किन्नर यहां काम नहीं कर सकते है कहकर निकाला
गरजोया ने आगे बताया कि हाउस कीपिंग इंचार्ज ने आज बुलाया था। इस दौरान हाउस कीपिंग के साथ उसकी वाशरुम क्लीनिंग की नौकरी को लेकर बात हुई थी, लेकिन अब उसे कहा गंदगी साफ करने के लिए कहा गया। वह नौकरी करने के लिए मान भी गए। लेकिन अब उन्हें नौकरी की जगह ना होने के लिए मना करते हुए बाहर कर दिया। आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ के अनुसार किन्नर यहां पर काम नहीं कर सकते।
नौकरी मांगों मिलती नहीं, भीख मांगों होता है विरोध
गरजोया ने कहा कि 2019 के एक्ट के अनुसार किन्नर नौकरी कर सकते है। उसने 12वीं की हुई है और आज स्टाफ की जरूरत को लेकर अस्पताल में बुलाया गया था। अगर किन्नर भीख मांगते है तो उनका विरोध किया जाता है, लेकिन अगर वह नौकरी के लिए अप्लाई करते है, तो किन्नरों को नौकरी नहीं दी जाती।
अस्पताल की तरफ से नहीं आया कोई बयान
गरजोया ने कहा कि नौकरी ना दिए जाने को लेकर वह पुलिस को शिकायत करेंगी, क्योंकि उसके साथ दूसरी बार घटना हो चुकी है। वहीं इस मामले को लेकर स्टाफ से बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। गरजोया ने कहा कि अस्पताल प्रंबधक के उच्च अधिकारियों तक स्टाफ द्वारा सच नहीं बताया जाता।