लखनऊ में एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को इमरजेंसी में उतारना पड़ा। यह फ्लाइट पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से दिल्ली जा रही थी।सूत्रों के अनुसार, जब विमान यूपी के अंबेडकरनगर के ऊपर करीब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर था, तभी पायलट के केबिन में धुआं महसूस हुआ। स्थिति गंभीर देखते हुए पायलट ने तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ‘मेडे कॉल’ भेजा।
मेडे कॉल मिलते ही विमान में ऑटोमैटिक तरीके से ऑक्सीजन मास्क खुल गए। केबिन क्रू ने यात्रियों को मास्क इस्तेमाल करने की जानकारी दी, जिसके बाद सभी यात्रियों ने मास्क लगा लिए।
लखनऊ एयरपोर्ट से इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद विमान को शाम 5:17 बजे सुरक्षित उतार लिया गया। फ्लाइट में कुल 148 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे, और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
लैंडिंग के बाद कुछ यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से दिल्ली भेजा गया, जबकि कुछ को होटल में ठहराया गया है। फिलहाल सुरक्षा और तकनीकी टीमें विमान की जांच में जुटी हैं। शुरुआती जांच में धुएं या आग की वजह साफ नहीं हो पाई है।
घटना के बाद कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइन से शिकायत की है और देरी व असुविधा को लेकर नाराजगी जताई है।
क्या होता है ‘मेडे कॉल’?
‘मेडे’ शब्द फ्रेंच के “m’aider” से बना है, जिसका मतलब होता है ‘मुझे बचाओ’। यह कॉल विमान या जहाज से आपात स्थिति में मदद मांगने के लिए किया जाता है, ताकि तुरंत सहायता मिल सके।