ख़बरिस्तान नेटवर्क : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर देश में गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पर पड़ रहा है। इसी बीच जालंधर के आम नागरिकों के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है।
अब रसोई के बजट पर दूध की कीमतों का बोझ भी बढ़ने वाला है। खालसा डेयरी वेलफेयर सोसाइटी ने जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद फैसला लिया है कि 1 अप्रैल से दूध की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जाएगी।
मजबूरी के कारण बढ़ाई कीमतें
मीटिंग के दौरान डेयरी मालिकों ने बताया कि वर्तमान में पशुओं की खल, बिनौला, तूड़ी और दलिए के रेट आसमान छू रहे हैं। पुराने रेट पर दूध बेचना अब डेयरी व्यवसाय के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
इस फैसले के बाद अब गाय का दूध 65 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा, जबकि भैंस का दूध 70 रुपये से बढ़कर 75 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाएगा। इसके साथ ही फैट रेट में भी एक रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 9.50 रुपये से बढ़ाकर 10.50 रुपये कर दिया गया है।
बाढ़ और पशुओं की कीमतों में उछाल बना कारण
डेयरी मालिकों के अनुसार, पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ ने पशुओं के चारे को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिससे चारे की किल्लत पैदा हो गई और लागत बढ़ गई।
इसके अलावा, दुधारू पशुओं की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है। जो भैंस पहले लगभग 1 लाख रुपये में मिल जाती थी, उसकी कीमत अब दोगुनी हो चुकी है। वहीं, गाय की कीमत भी 40 हजार से बढ़कर करीब 90 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इन्हीं तमाम आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए सोसाइटी ने सर्वसम्मति से रेट बढ़ाने का फैसला लिया है।