देशभर में दवाओं की क्वालिटी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) की ओर से जनवरी माह के लिए जारी ड्रग अलर्ट में कुल 218 दवाओं, कफ सिरप और इंजेक्शन के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं।
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी दवाएं शामिल
इनमें दिल, मिर्गी, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा कुछ शैंपू, क्रीम, फेस पाउडर, मेहंदी और आयरन की गोलियां भी गुणवत्ता में खराब पाई गई हैं।
देशभर में कफ सिरप के 58 सैंपल फेल
रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में कफ सिरप के 58 सैंपल फेल हुए हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश के 16 सैंपल शामिल हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पिछले साल जहरीली कफ सिरप पीने से 20 से अधिक बच्चों की मौत के बाद दवाओं की निगरानी को और सख्त किया गया था।
राज्यों के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा फेल सैंपल हिमाचल प्रदेश के 71 हैं, इसके बाद उत्तराखंड के 28, गुजरात के 23, मध्य प्रदेश के 15, महाराष्ट्र के 13, तमिलनाडु के 11, राजस्थान के 10 और हरियाणा के 9 सैंपल शामिल हैं। वहीं पंजाब, उत्तर प्रदेश और पुडुचेरी के पांच-पांच सैंपल फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि तीन दवाएं नकली पाई गई हैं।
फेल पाई गई प्रमुख दवाओं में मिर्गी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली फैनिटाइन टैबलेट, डिप्रेशन और माइग्रेन की दवा अमिट्रिप्टिलाइन, कैंसर उपचार में उपयोग होने वाला बुप्रेर्नोफिन इंजेक्शन, कोलेस्ट्रॉल कम करने की अर्टोवस्टाटिन टैबलेट और दिल में खून के थक्के रोकने वाली क्लोपिडोग्रेल शामिल हैं।
इसके अलावा गुजरात की एक कॉस्मेटिक कंपनी के व्हाइट टोन फेस पाउडर के सैंपल में हैवी मेटल और लेड की मात्रा पाए जाने से चिंता और बढ़ गई है। यह सैंपल बेंगलुरु की ड्रग टेस्टिंग लैब में जांच के दौरान फेल हुआ।
ड्रग अलर्ट के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब गुणवत्ता वाली दवाएं मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती हैं।