ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर आरती राजपूत ने वीडियो जारी कर पार्टी नेतृत्व पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से चुप थीं, लेकिन अब सच सामने लाना जरूरी हो गया है। आरती ने दावा किया कि 2024 में उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया और टिकट को लेकर उनके पार्टी छोड़ने की बात गलत तरीके से फैलाई गई।
पार्टी नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप
आरती राजपूत ने अशोक सरीन हिक्की और शैली खन्ना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ नेताओं ने जानबूझकर उनके खिलाफ माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उनके दिमाग में टिकट की बात डालकर उन्हें भ्रमित किया गया। आरती का आरोप है कि जालंधर की मौजूदा लीडरशिप उनसे डरती है और यही वजह है कि उन्हें साइडलाइन किया गया।
जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप
आरती ने कहा कि पंजाब में भाजपा के मजबूत न होने के पीछे कुछ नेताओं की कार्यशैली जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है और पार्टी के अंदर ही असंतोष बढ़ रहा है। बिना नाम लिए उन्होंने जिला अध्यक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनमें व्यवहार की कमी है और महिला कार्यकर्ताओं के साथ सही तरीके से पेश नहीं आते।
महिला मोर्चा और संगठन पर भी उठाए सवाल
आरती ने बताया कि वह 2023 में पार्टी में शामिल हुई थीं और मेहनत के दम पर आगे बढ़ीं। महिला मोर्चा अध्यक्ष बनने के दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने का काम किया और जिले को रैंकिंग में ऊपर पहुंचाया। इसके बावजूद उनके खिलाफ साजिश रची गई और उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।
टिकट विवाद और पार्टी छोड़ने की वजह बताई
आरती ने कहा कि उनके इस्तीफे को लेकर गलत धारणा बनाई गई कि वह टिकट न मिलने से नाराज थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेताओं के व्यवहार और अपमानजनक रवैये के कारण उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी। बाद में परिस्थितियों के चलते उन्होंने अकाली दल ज्वाइन किया, क्योंकि उस समय गठबंधन था।
वरिष्ठ नेताओं पर भी साधा निशाना
आरती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में वापसी को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं। उन्होंने मनोरंजन कालिया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई नेता पार्टी छोड़कर वापस आए हैं, फिर उनके लिए अलग नियम क्यों बनाए जा रहे हैं।