चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रतनगढ़ मोरिंडा निवासी अमनप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह के रूप में हुई है।
2 और आरोपी गिरफ्तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमनप्रीत सिंह पर ग्रेनेड फेंकने का आरोप है, जबकि गुरतेज सिंह ने इस घटना का वीडियो बनाया। दोनों के पास से एक पिस्टल भी बरामद की गई है। इससे पहले इस मामले में पांच अन्य आरोपियों बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
पंजाब में अशांति फैलाने की कोशिश
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस साजिश के तार विदेशों तक जुड़े हुए हैं। जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे Inter-Services Intelligence (ISI) का हाथ हो सकता है, जो पंजाब में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही थी। इस नेटवर्क को पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर्स संचालित कर रहे थे, जिनकी पहचान कर ली गई है।
दो संदिग्ध बाइक पर फरार होते नजर आए
यह ब्लास्ट 1 अप्रैल की शाम को हुआ था, जिसमें कई गाड़ियों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवारों पर छर्रों के निशान मिले। घटना के दो वीडियो भी सामने आए थे एक में आरोपी ग्रेनेड फेंकता दिखाई दिया, जबकि दूसरे में दो संदिग्ध बाइक पर फरार होते नजर आए।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों तक हैंड ग्रेनेड, हथियार और कारतूसों की खेप एक संगठित नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई थी। बताया जा रहा है कि पुर्तगाल में बैठे हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देश पर इस हमले की साजिश रची गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में पाकिस्तान में बने GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया, जो 5 से 10 मीटर के दायरे में घातक होता है और इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं।
घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में आरोपी वारदात के बाद बस का इंतजार करते भी दिखाई दिए। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।