ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। शाहकोट पुलिस की एक रेड का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फुटेज में पुलिस अपनी निजी गाड़ी की डिक्की से एक नीला ड्रम निकालते हुए दिखाई दे रही है, जबकि आधिकारिक तौर पर यही ड्रम आरोपी के घर से बरामद दिखाया गया है।
सीसीटीवी फुटेज ने खड़े किए सवाल
सीसीटीवी वीडियो के अनुसार गांव दौलतपुर ढड्डा की गली में पहले एक सफेद XUV गाड़ी पहुंचती है, जिसमें से तीन लोग उतरते हैं। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचती है और एक काले गेट वाले घर में सीधे प्रवेश कर जाती है। फुटेज में यह भी साफ दिख रहा है कि पुलिस गाड़ी की डिक्की खोलकर एक नीला ड्रम बाहर निकालती है, जिसे दो लोग उठाकर ले जाते हैं।
FIR में कुछ और, वीडियो में कुछ और
पुलिस ने 9 अप्रैल को FIR नंबर-90 दर्ज करते हुए दावा किया कि 35 लीटर लाहन (देसी शराब) अकरम नाम के व्यक्ति के घर से बरामद हुई। पुलिस और एक्साइज टीम के मुताबिक यह लाहन घर के तूड़ी वाले कमरे में रखे नीले ड्रम में मिली थी। हालांकि सीसीटीवी फुटेज इस दावे से बिल्कुल अलग कहानी दिखा रहा है।
रेड के दौरान 7 पुलिसकर्मी कैमरे में कैद
फुटेज में कुल 7 पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं, जिनमें 4 वर्दी में और 3 सिविल ड्रेस में हैं। पुलिस ने मौके पर बरामदगी की वीडियोग्राफी भी करवाई और ड्रम को सील करके अपने साथ ले गई। लेकिन फुटेज के आधार पर पूरी कार्रवाई संदिग्ध लग रही है।
घर में नहीं था कोई सदस्य, गांव में दहशत
सूत्रों के मुताबिक, जिस समय रेड की गई, उस वक्त घर में कोई मौजूद नहीं था। सीसीटीवी में भी घर के अंदर से कोई बाहर आता नहीं दिखता। गेट भी अंदर से खुला नजर आता है और पुलिस बिना दस्तक दिए सीधे अंदर चली जाती है। घटना के दो दिन बाद भी अकरम घर पर नहीं मिला। जब परिजनों से बात की गई तो वे डरे हुए नजर आए और कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
DIG ने कहा-जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले में नवीन सिंगला ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। अगर CCTV फुटेज मौजूद है तो मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि अगर जांच में पुलिस की गलती सामने आती है तो संबंधित टीम पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।