जालंधर समेत पूरे पंजाब में वकीलों ने तीन प्रमुख नियमों के विरोध में हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के चलते आज राज्य की अदालतों में कोई भी वकील पेश नहीं हुआ, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित रहा।
लूटपाट और चोरी की घटनाओं में लगातार हो रहा इज़ाफा
वकीलों का कहना है कि राज्य में लूटपाट और चोरी की घटनाओं में लगातार इज़ाफा हो रहा है। आम नागरिकों के लिए जमानत पाना कठिन हो गया है, जबकि लुटेरों और चोरों को अदालत से आसानी से जमानत मिल जाती है। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस किसी आरोपी को पकड़ लेती है, तो सरकार की नीति के तहत उसे सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाता है, जहां फ्री लीगल एड और जमानत की व्यवस्था की जाती है। इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और अपराध का ग्राफ ऊपर जाता है।
दूसरा मुद्दा ‘ग्राम पोलिसी’ को लेकर उठाया गया है, जिसके तहत वकीलों को गांवों में जाकर अदालत लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वकीलों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था लागू करनी है, तो इसकी शुरुआत पहले सुप्रीम कोर्ट से होनी चाहिए। साथ ही, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से पेशी पर आने वाले मामलों के लिए वहीं बेंच बनाई जानी चाहिए। इसके अलावा, हाईकोर्ट मामलों के लिए वकीलों को चंडीगढ़ जाना पड़ता है, इसलिए गुरदासपुर और पटियाला जैसे शहरों में भी बेंच स्थापित करने की मांग की गई है।
तीसरा मुद्दा ‘फैक्टर एक्शन प्लान केस’ से जुड़ा है। वकीलों का कहना है कि पहले मामलों को पुराना घोषित किया जाता है और फिर उनके त्वरित निपटारे के निर्देश दिए जाते हैं, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता और वकीलों पर अतिरिक्त दबाव बनता है।
तीन नियमों के विरोध में पंजाब भर में वकीलों की हड़ताल
इन तीनों मुद्दों के विरोध में पंजाब भर के बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने एकजुट होकर हड़ताल का ऐलान किया है। वकीलों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



