लुधियाना की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से पंजाब लाया गया है। बठिंडा पुलिस की टीम उसे UAE अधिकारियों से कस्टडी में लेकर भारत पहुंची।
पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल को जनवरी में शारजाह में वीजा से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उसे भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
यह सनसनीखेज हत्या जून 2025 में बठिंडा में हुई थी। कंचन 9 जून को घर से निकली थी और 11 जून को उसकी लाश आदेश अस्पताल की पार्किंग में खड़ी उसकी ईऑन कार से बरामद हुई थी। कार से बदबू आने के बाद इस वारदात का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया है कि अमृतपाल इस हत्या का मुख्य मास्टरमाइंड था और वह पिछले तीन महीनों से कंचन की हत्या की योजना बना रहा था। उसने अपने साथियों जसप्रीत और निमरतजीत को भी इस साजिश में शामिल किया। तीनों ने लुधियाना में कंचन की रेकी की और उसकी दिनचर्या पर नजर रखी।
योजना के तहत अमृतपाल ने कंचन को बठिंडा में कार शोरूम प्रमोशन का झांसा दिया। 9 जून को वह उसे लुधियाना से बठिंडा लेकर गया। देर रात सुनसान जगह पर ले जाकर आरोपियों ने कंचन से उसके मोबाइल के पासवर्ड मांगे। विरोध करने पर उसे पीटा गया।
इसके बाद तीनों आरोपियों ने करीब 15 मिनट तक उसका गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को उसकी ही कार में डालकर आदेश अस्पताल की पार्किंग में खड़ा कर दिया गया।
हत्या के बाद आरोपी सबूत मिटाने की कोशिश में लगे रहे। कार में छोड़ा गया फंदा (कमरकस) निकालने के लिए वे दोबारा पार्किंग में पहुंचे और फिर कार को वहीं खड़ा कर फरार हो गए।
जांच में यह भी सामने आया कि अमृतपाल हत्या के दिन ही सुबह करीब 9:15 बजे अमृतसर एयरपोर्ट से UAE फरार हो गया था। पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर उसकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली, जिसके बाद उसकी लोकेशन का पता चला।
आरोपी अमृतपाल मेहरों मोगा का रहने वाला है। वह पहले मुस्लिम परिवार से संबंध रखता था, लेकिन बाद में सिख धर्म अपनाकर निहंग बन गया। उसने 2022 में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गया था।फिलहाल पुलिस अमृतपाल से पूछताछ कर रही है और इस हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।