आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने हाल ही में राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को “स्क्रिप्टेड और समन्वित हमला” करार दिया है।
उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी ने उन पर तीन आरोप लगाए हैं और कहा है कि इसी वजह से उन्हें संसद में बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा। पहले आरोप पर जवाब देते हुए चड्ढा ने कहा कि यह बिल्कुल गलत है कि वह विपक्ष के वॉकआउट के दौरान अपनी सीट पर बैठे रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह संसद में शोर-शराबा करने या हंगामा करने नहीं जाते, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए जाते हैं। साथ ही उन्होंने चुनौती दी कि संसद के सीसीटीवी फुटेज देखकर सच्चाई का पता लगाया जा सकता है।
संसद में बेकार मुद्दे उठाने का आरोप
चड्ढा ने जोर देकर कहा कि उन्होंने पिछले चार वर्षों में जीएसटी, आयकर, पंजाब का पानी, दिल्ली की हवा, सरकारी स्कूलों की स्थिति और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण जनता से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।
हर सवाल का जवाब दिया जाएगा -राघव चड्ढा
अपने संदेश के अंत में चड्ढा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनके खिलाफ चलाए जा रहे हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने खुद को एक सक्रिय सांसद बताते हुए कहा:”मैं पार्लियामेंट में इम्पैक्ट (प्रभाव) क्रिएट करने गया हूँ, हंगामा करने नहीं। जो लोग मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। घायल हूं, इसलिए घातक हूं ।
वहीं, इससे पहले पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने उन्हें “कंप्रोमाइज्ड” और “धोखेबाज” तक कहा और दावा किया कि पार्टी के कहने के बावजूद चड्ढा ने राज्यसभा में पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए।इसके अलावा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि राघव चड्ढा डर के कारण लंदन चले गए थे।