ख़बरिस्तान नेटवर्क : केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि देश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अपने घरों में प्री-पेड मीटर लगवाना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। यह पूरी तरह से ग्राहकों की इच्छा पर निर्भर करेगा कि वे अपने घर में प्री-पेड मीटर लगवाना चाहते हैं या फिर पुराना पोस्ट-पेड सिस्टम ही जारी रखना चाहते हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी या निजी बिजली कंपनी किसी भी कंज्यूमर को प्री-पेड मीटर लगवाने के लिए कतई मजबूर नहीं कर सकती है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने दावों का किया खंडन
यह महत्वपूर्ण जानकारी केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान दी। उन्होंने सदन में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन सभी दावों और आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार आम जनता पर प्री-पेड मीटर थोपने का कोशिश कर रही है।
गरीब के लिए फ्लेक्सिबल रिचार्ज का विकल्प
चर्चा के दौरान यह सवाल भी उठा कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग पूरे महीने का एडवांस पैसा भरकर एक साथ रिचार्ज कैसे करवा पाएंगे। इस मानवीय समस्या पर समाधान देते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए छोटे और फ्लेक्सिबल रिचार्ज के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनकी वैधता महज पांच से दस दिनों की होगी। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।