ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल के बाद दिल्ली से वरिष्ठ नेता और प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया जालंधर पहुंचे हैं। राज्यसभा सांसदों द्वारा पार्टी का साथ छोड़ने के बाद अब विधायकों के बीच किसी भी संभावित टूट को रोकने के लिए सिसोदिया ने मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान को देखते हुए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठन को एकजुट रखना है।
बैठक का बदला गया स्थान और समय
जालंधर में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन स्थल में आखिरी समय पर बदलाव किया गया है। पहले यह मीटिंग मुख्यमंत्री निवास पर प्रस्तावित थी, लेकिन रणनीतिक कारणों से इसे शहर से दूर शाहपुर सिटी कैंपस में स्थानांतरित कर दिया गया। दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस सभा में शामिल होने के लिए सुबह से ही विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों का तांता लगा रहा।
विधायकों और ऑब्जर्वर्स की भारी मौजूदगी
इस कार्यक्रम में लगभग 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वर्स को बुलाया गया है, लेकिन चर्चा का विषय विधायकों की उपस्थिति बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, अब तक डॉ. इंद्रजीत निज्जर, जीवनजोत कौर और नरेश कटारिया समेत करीब 25 विधायक कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं।
आधिकारिक दावा बनाम जमीनी हकीकत
मनीष सिसोदिया ने कल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की थी कि यह मीटिंग केवल ब्लॉक ऑब्जर्वर्स के साथ नियमित संवाद का हिस्सा है। उन्होंने विधायकों की किसी भी ‘इमरजेंसी मीटिंग’ जैसी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था।