ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर भार्गव कैंप इलाके में पुलिस और महिला के बीच हुई मारपीट के वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व विधायक शीतल अंगुराल परिवार से मिलने पहुंचे। जिसके उन्होंने परिवार को साथ मिलकर भार्गव कैंप चौक में धरना लगा दिया। धरना लगाने के बाद ट्रैफिक जाम हो गया और जिसके बाद भी धरना प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंच गई।
पुलिस ने बहुत शर्मनाक व्यवहार किया
शीतल अंगुराल ने धरना प्रदर्शन के दौरान कहा कि भार्गव कैंप में एक निजी पारिवारिक मामले को लेकर पुलिस ने बहुत शर्मनाक व्यवहार किया है। पुलिस वालों ने महिला (माताओं और बहनों) को बाल पकड़कर सड़कों पर घसीटा और उनके कपड़े भी फाड़ दिए।
दादागिरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें टॉर्चर किया गया, उन पर न तो कोई ड्रग ट्रैफिकिंग का केस है और न ही कोई और क्रिमिनल केस। यह सिर्फ एक पारिवारिक झगड़ा था, जिसमें पुलिस ने सरकार के दबाव में बेवजह दखल दिया। इस तरह की दादागिरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
भार्गव कैंप की रहने वाली पीड़ित महिला ममता ने बताया कि वह विधवा है। उसके दो बेटे हैं। बहू के साथ बड़े बेटे का झगड़ा है। बहू अपने मायके तिलक नगर में चली गई। इसके बाद उसने थाने में शिकायत कर दी। इस शिकायत को लेकर जांच चल रही थी। वह कई बार थाने भी गए लेकिन पुलिस वाले नहीं मिले।
ममता ने कहा कि बहू पुलिस पर बार-बार मेरे बेटे को अरेस्ट करने का दबाव बना रही थी। पुलिस के डर के मारे बेटों को छिपाकर रखा था। पुलिस ने शुक्रवार सुबह मेरे बेटों को पकड़ने के लिए रेड कर दी। पुलिस ने उनको कमरों में घुसकर जबरन उठाने की कोशिश की। बच्चों को कपड़े तक डालने नहीं दिए गए। सोए हुए लोगों को उठाने के लिए पुलिस पहुंच गई। हमने विरोध किया तो हमें गालियां दी गईं। पुलिस मेरे बेटों को मार देना चाहती है। हमें पुलिस से खतरा है।