अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि सीजफायर के बावजूद अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद तेहरान ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब देने की चेतावनी दी है।
ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस TV के मुताबिक, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने जास्क के पास ईरानी समुद्री क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ रहे एक तेल टैंकर पर हमला किया।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। ट्रम्प के मुताबिक इसके बाद दोनों देशों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें अमेरिकी सेना ने ईरानी छोटी नावों को तबाह कर दिया। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
1500 जहाज फंसे
संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी International Maritime Organization के महासचिव Arsenio Dominguez ने बताया कि होर्मुज संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में करीब 1500 जहाज फंस गए हैं। इन जहाजों पर लगभग 20 हजार नाविक मौजूद हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और तेल कारोबार पर असर बढ़ता जा रहा है।
30 दिन के अस्थायी समझौते पर बातचीत चल रही
इस बीच न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच 30 दिन के अस्थायी समझौते पर बातचीत चल रही है। प्रस्ताव के तहत होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और लड़ाई रोकने पर चर्चा हो रही है, जबकि स्थायी समझौते के लिए अलग वार्ता जारी रहेगी।
दूसरी ओर मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। इजराइल ने दावा किया है कि उसने बेरूत में हमले कर हिजबुल्लाह के कई बड़े कमांडरों को मार गिराया, जबकि जवाब में हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
इसी दौरान UAE में भी मिसाइल और ड्रोन खतरे का अलर्ट जारी किया गया है। UAE की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।