ख़बरिस्तान नेटवर्क : न्यूज़ीलैंड की कोर्ट ने 3 पंजाबियों को ठगी के मामले में 4 साल की कैद की सजा सुनाई है। वहीं आरोपियों के साथियों को 2-2 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। दोषियों की पहचान प यह फैसला ऑकलैंड कोर्ट ने 8 लाख डॉलर (7.55 करोड़ रुपए) की ठगी के मामले में सुनाया है। पहचान परगट भंगू (24), गुरविंदर सिंह (22) और हरमनदीप सिंह (23) रूप में हुई है। अब ये तीनों अपनी जेल की सजा पूरी करने के बाद भारत डिपोर्ट किए जाएंगे।
बैंक अधिकारी बनकर बुजुर्गों को ठगा
जानकारी के मुताबिक तीनों पंजाबी नौजवानों ने खुद को बैंक का अधिकारी बताकर 28 बुजुर्ग लोगों के कैश कार्ड और पिन नंबर हासिल कर लिए। जिसके बाद दोषियों ने धीरे-धीरे करके पैसे निकालने शुरू कर दिए। जब इस बारे में पीड़ितों को पता चला तो उन्होंने इस बारे में पुलिस को शिकायत दी।
4 मई को कोर्ट ने सुनाई सजा
इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए इन्हें गिरफ्तार कर लिया था। 2024 से कोर्ट में इनका ट्रायल चल रहा था। तीनों दोषी पंजाब से आकर यहां वर्क और स्टूडेंट वीजा पर रह रहे थे। इस ठगी का मुख्य मास्टरमाइंड परगट था। इन सभी दोषियों को कोर्ट ने 4 मई को सजा सुनाई।