नए साल के मौके पर आने वाले “HAPPY NEW YEAR” मैसेज और डिजिटल ग्रीटिंग्स पर आंख बंद कर क्लिक करना भारी पड़ सकता है। पंजाब पुलिस की साइबर सेल ने जनता के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसे मैसेज मोबाइल हैकिंग का जरिया बन सकते हैं।
साइबर सेल अधिकारियों के मुताबिक, त्योहारों और खास मौकों पर हैकर्स सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं। जब लोगों के मोबाइल पर शुभकामनाओं के बल्क मैसेज आते हैं, उसी भीड़ का फायदा उठाकर हैकर्स भी फर्जी लिंक और मैसेज भेज देते हैं। कई बार लोग गलती से ऐसे मैसेज पर क्लिक कर देते हैं, जिससे मोबाइल हैक हो सकता है और फोन में मौजूद डेटा, बैंक डिटेल्स व OTP तक हैकर्स की पहुंच बन जाती है।
पुलिस ने अपील की है कि बिना वेरिफिकेशन किसी भी मैसेज, लिंक या फोटो को न खोलें और न ही डाउनलोड करें। लुधियाना साइबर सेल के अनुसार, हर फेस्टिवल पर ऐसे साइबर हमलों के मामले बढ़ जाते हैं। इससे पहले दिवाली के दौरान भी कई लोगों के मोबाइल हैक होने की शिकायतें सामने आई थीं। इसी को देखते हुए नए साल से पहले ही लोगों को सतर्क किया गया है।
हैकर्स क्यों चुनते हैं त्योहारों का समय?’
त्योहारों पर लोग एक-दूसरे को डिजिटल कार्ड, वीडियो क्लिप और सरप्राइज लिंक भेजते हैं। हैकर्स भी बिल्कुल उसी तरह के फर्जी लिंक और कार्ड बनाकर भेजते हैं, ताकि लोग बिना सोचे-समझे उन्हें खोल लें।
इस तरह करते हैं मोबाइल हैक
APK फाइल भेजकर: व्हाट्सऐप या अन्य मैसेंजर ऐप पर भेजी गई APK फाइल इंस्टॉल करते ही हैकर्स को मोबाइल का पूरा कंट्रोल मिल सकता है।
फर्जी लिंक: लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुलती है, जहां ID, पासवर्ड और बैंक डिटेल्स चोरी हो जाती हैं।
स्पाईवेयर और मालवेयर: फोन में इंस्टॉल होते ही ये ऐप्स कॉल, मैसेज, फोटो और OTP तक एक्सेस कर लेते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सतर्क रहें और साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक से दूरी बनाए रखें।