कनाडा जाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैरिज और फर्जी शादियों का सहारा लेने वालों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। कनाडा सरकार स्पाउस वीजा के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नए प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अब स्पाउस ओपन वर्क परमिट (SOWP) पर कनाडा जाने वाले पार्टनर के लिए अंग्रेजी भाषा टेस्ट पास करना अनिवार्य हो सकता है।
कनाडा इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के फॉरवर्ड रेगुलेटरी प्लान के अनुसार, अब केवल उन्हीं स्टूडेंट्स के जीवनसाथी को ओपन वर्क परमिट मिलेगा जो कनाडा में मास्टर्स, PhD या प्रोफेशनल कोर्सेज जैसे मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। साधारण डिप्लोमा या बैचलर डिग्री करने वाले छात्रों के पार्टनर इस सुविधा के पात्र नहीं होंगे।
इसके अलावा, कनाडा में नौकरी कर रहे लोग भी अपने स्पाउस को बुला सकेंगे, लेकिन उनकी नौकरी हेल्थकेयर, आईटी या अन्य हाई-स्किल कैटेगरी में होनी चाहिए और उनके वर्क परमिट में कम से कम 16 महीने बाकी होना जरूरी होगा।
नए नियमों के तहत भारत से आवेदन करने वाले पार्टनर को IELTS या CELPIP जैसी अंग्रेजी परीक्षा देनी होगी। माना जा रहा है कि सामान्य नौकरियों के लिए CLB 5 और स्किल्ड जॉब्स के लिए CLB 7 स्कोर जरूरी हो सकता है।
इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पंजाब के युवाओं पर पड़ेगा। हर साल पंजाब से करीब 35 हजार स्पाउस वीजा आवेदन किए जाते हैं, जबकि फिलहाल लगभग 22 हजार फाइलें प्रोसेस में हैं।
हालांकि, यह नियम अभी लागू नहीं हुआ है। IRCC इसे कनाडा गजट में प्री-पब्लिकेशन के लिए भेजने की तैयारी में है। सुझाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसके दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक लागू होने की संभावना है। तब तक पुराने नियमों के तहत आवेदन किए जा सकेंगे।
कनाडा सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद फर्जी शादियों पर रोक लगाना, प्रवासियों की भाषा क्षमता बेहतर करना और उन्हें कनाडा के लेबर मार्केट में आसानी से ढालना है।