ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में एपीजे स्कूल के पास लगे पुलिस नाके पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब पुलिस मुलाजिमों ने एक टैक्सी ड्राइवर युवक की कार रोक ली। युवक अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जा रहा था और उसने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
सीट बेल्ट को लेकर रोकी गई गाड़ी
युवक के अनुसार, पुलिस ने कार इसलिए रोकी क्योंकि उसने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। युवक ने दावा किया कि उसने पुलिस से कहा कि वे चालान काट लें, लेकिन उसे तुरंत जाने दें क्योंकि उसकी पत्नी को तेज दर्द हो रहा था। उसकी बार-बार गुहार के बावजूद पुलिस ने गाड़ी नहीं जाने दी। इस दौरान उसकी पत्नी कार के अंदर दर्द से तड़पती रही।
वीडियो बनाने के बाद भागे
युवक यह भी आरोप लगाया कि उसने मेडिकल रिपोर्ट्स भी दिखाईं, लेकिन पुलिस दस्तावेज़ चेक करने पर ही अड़ी रही। जब वह पुलिसकर्मियों के पास गया तो उसे शराब की गंध महसूस हुई। इसके बाद उसने मौके का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनते ही नाके पर मौजूद ट्रैफिक अधिकारी ने एक मुलाजिम को वहां से हटा दिया और बाद में खुद भी ट्रैफिक बूथ को ताला लगाकर चले गए।
पत्नी की हालत को लेकर भावुक हुआ युवक
युवक ने बताया कि वह अपनी पत्नी को प्राइवेट अस्पताल ले जा रहा था और उसने पुलिस से कई बार अनुरोध किया, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। घटना को याद करते हुए युवक भावुक हो गया और कहा कि अगर उसकी पत्नी को कुछ हुआ तो वह जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को नहीं छोड़ेगा।