ख़बरिस्तान नेटवर्क : वृंदावन हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 4 अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और रेस्क्यू टीमों के 250 गोताखोर उन्हें ढूंढने में लगे हुए हैं। 14 किमी के दायरे में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। अब तक 22 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। अभी 4 लोग लापता हैं।
उफान के कारण रेस्क्यू में आ रही है दिक्कत
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे अफसर ने बताया कि यमुना नदी का बहाव तेज है, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। क्योंकि नदी में उफान के कारण कुछ लोग बहकर काफी दूर जा सकते हैं। इसके अलावा, नदी के अंदर गाद (कीचड़) और रेत में शव दबे हो सकते हैं। 24 घंटे बाद शव फूलकर ऊपर आ सकते हैं।
10 अप्रैल 3 बजे के करीब हुआ हादसा
हादसा शुक्रवार दोपहर 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई थी। घाट बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी दूर है। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद को हादसे के 6 घंटे बाद यानी रात 9 बजे हिरासत में लिया। नाव उसकी खुद की थी। उसने श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था। हादसे के बाद फरार हो गया था।
पीएम मोदी कर चुके हैं मुआवजे का ऐलान
वहीं इस हादसे पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिवार के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है। पीएम ने मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।