ख़बरिस्तान नेटवर्क : महाराष्ट्र में पंजाब के एक ट्रक में आग लगने की घटना ने विवाद खड़ा कर दिया है। नासिक में हुई इस घटना को लेकर ट्रक ड्राइवर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस इसे तकनीकी खराबी बता रही है। ड्राइवर का आरोप है कि पुलिस ने उससे पहले 30 हजार रुपये की मांग की और बाद में 5 हजार रुपये देने के लिए दबाव बनाया। पैस न देने पर मारपीट का आरोप भी लगाया है।
पुलिसकर्मियों ने पैसे देने का दबाव बनाया
संगरूर निवासी ट्रक ड्राइवर जगतार सिंह के मुताबिक यह घटना 10 अप्रैल दोपहर बाद की है। वह पूना से बठिंडा जा रहा था और ट्रक में आर्मी CSD का सामान लदा हुआ था। रास्ते में पुलिस ने उसे रोक लिया और कहा कि वह नो-एंट्री में घुस गया है। ड्राइवर का आरोप है कि पुलिस ने उससे पहले 30 हजार रुपये की मांग की और बाद में 5 हजार रुपये देने के लिए दबाव बनाया।
पैसे न देने पर मारपीट का आरोप
जगतार सिंह का कहना है कि जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसे साइड में ले जाकर थप्पड़ मारे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी सिगरेट पी रहा था और लापरवाही के चलते ट्रक के डीजल टैंक के पास आग लग गई। जैसे ही आग भड़की, सभी पुलिसकर्मी मौके से भाग गए। देखते ही देखते ट्रक में लदा सामान जलकर खाक हो गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
वहीं, स्थानीय पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी लग रही है। येवला के जांच अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और टोल नाकों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। अब जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।