पंजाब के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पंथक राजनीति से जुड़े दो प्रमुख गुट अकाली दल वारिस पंजाब और शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने अपने मतभेद भुलाकर एक रणनीतिक गठबंधन का ऐलान किया है। इस नई कमेटी की कमान सर्वसम्मति से दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह इयाली को सौंपी गई है।
इस गठबंधन को लंबे समय से बिखरे पंथक वोटों को एक मंच पर लाने की अहम कोशिश माना जा रहा है। यदि यह तालमेल कमेटी पंथक वोटों का ध्रुवीकरण करने में सफल रहती है, तो यह सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और पारंपरिक शिरोमणि अकाली दल (बादल) के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
राजनीतिक विश्लेषक भूपिंदर सिंह सेखों का कहना है कि इस एकता ने मौजूदा राजनीतिक माहौल को हिला दिया है। हालांकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या यह गठबंधन पंजाब में तीसरे मजबूत विकल्प के रूप में उभर पाएगा या नहीं—इसका जवाब आने वाले समय में ही मिलेगा।