सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और पूर्व मॉडल हर्षा रिछारिया ने रविवार को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर संन्यास ग्रहण कर लिया। उज्जैन स्थित मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने उन्हें विधि-विधान के साथ संन्यास दीक्षा दी।
संन्यास परंपरा के तहत हर्षा रिछारिया से शिखा और दंड त्याग की प्रक्रिया करवाई गई। इसके साथ ही तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए, जो सांसारिक जीवन के त्याग और आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माने जाते हैं।
दीक्षा के बाद हर्षा रिछारिया को नया नाम स्वामी हर्षानंद गिरि दिया गया। इस दौरान आश्रम में बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और उनके अनुयायी मौजूद रहे।
संन्यास ग्रहण करने के बाद स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि यह उनके जीवन का नया अध्याय है। उन्होंने अपने गुरु के मार्गदर्शन में यह निर्णय लिया है और अब वे अपना जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा को समर्पित करेंगी।इस अवसर पर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने कहा कि संन्यास दीक्षा एक गंभीर और अनुशासित प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति अपने पुराने जीवन को त्यागकर आध्यात्मिक मार्ग अपनाता है। उन्होंने सभी संन्यासियों से संन्यास की मर्यादा बनाए रखने और उसके नियमों का पालन करने का आह्वान किया।