ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के नेशनल आई अस्पताल से जुड़े डॉक्टर पीयूष की पत्नी और सरकारी डॉक्टर डॉ. मीनाक्षी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिवार ने डॉक्टर पीयूष पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश और लगातार मानसिक प्रताड़ना की कहानी छिपी हुई है।
अवैध संबंध और घरेलू हिंसा के आरोप
मृतका के पिता प्रमोद और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर पीयूष के अपने अस्पताल में कार्यरत एक युवती के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध थे। परिवार का दावा है कि मीनाक्षी को जब इस बात का संदेह हुआ तो उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें कथित तौर पर इस संबंध के प्रमाण मिले। परिजनों के अनुसार, यह फुटेज पुलिस को भी सौंप दी गई है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर पीयूष लंबे समय से मीनाक्षी के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना करता था। उनका कहना है कि कई बार विवाद इतना बढ़ गया कि मीनाक्षी की जान तक को खतरा पैदा हो गया। परिजनों के मुताबिक, आरोपी बाद में अपनी गलती स्वीकार भी करता था।
करोड़ों के फर्जी लोन का आरोप
मामले में आर्थिक धोखाधड़ी का पहलू भी सामने आया है। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर पीयूष ने मीनाक्षी की जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर करोड़ों रुपये का लोन लिया। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद खरीदी गई थार गाड़ी की किश्तें भी मीनाक्षी अपनी सैलरी से भर रही थीं।
परिवार ने बताया कि अस्पताल और वाहन के नाम पर पहले करीब 45 लाख रुपये का लोन लिया गया था। वहीं जून 2026 में जब मीनाक्षी अपने लिए मकान खरीदने के उद्देश्य से बैंक पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर लगभग ढाई करोड़ रुपये का लोन चल रहा है। परिजनों का दावा है कि संबंधित दस्तावेजों पर मीनाक्षी के हस्ताक्षर तक नहीं थे।
तलाक की तैयारी के बीच आई दुखद खबर
परिजनों के अनुसार, लगातार हो रही प्रताड़ना और कथित धोखाधड़ी से परेशान होकर मीनाक्षी जुलाई 2025 से अपने पति से अलग रह रही थीं। परिवार उनकी कानूनी सहायता कर रहा था और तलाक की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान भारी कर्ज और कथित फर्जी लोन की जानकारी मिलने के बाद वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई थीं।
गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग
मृतका के परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा आरोपों के आधार पर डॉक्टर पीयूष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के कारणों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।