इजराइल–अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। ईरान ने साइप्रस स्थित ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के अक्रोटिरी बेस पर ड्रोन हमला किया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रविवार देर रात हुए हमले में बेस को मामूली नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके जवाब में ब्रिटिश सेना ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया गया है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने पहले अमेरिका को इसी बेस के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।
सोमवार को ईरान ने मिडिल-ईस्ट के चार देशों में स्थित अमेरिका के छह सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार बहरीन, इराक, यूएई और कुवैत में मिसाइल व ड्रोन हमले किए गए। कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट्स दुर्घटनाग्रस्त हो गए, हालांकि सभी क्रू सुरक्षित बताए गए हैं।
ईरान अमेरिका से किसी तरह की बातचीत नहीं करेगा
ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने साफ कहा कि ईरान अमेरिका से किसी तरह की बातचीत नहीं करेगा। वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका का रिकॉर्ड नकारात्मक रहा है।
ईरान में भारी नुकसान
अल-जजीरा के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। शुरुआती 30 घंटों में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए। अब तक 555 लोगों की मौत और 700 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की मौत और 45 के घायल होने की खबर है।
ईरान ने नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले का दावा किया है, जबकि UN परमाणु एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि एजेंसी के पास किसी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान के संकेत नहीं हैं।
सऊदी अरब की अरामको रास तनूरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद अस्थायी रूप से संचालन रोका गया। वही इजराइली सेना IDF ने तेहरान में हमलों के फुटेज जारी किए और ईरान के दो खुफिया अधिकारियों को मारने का दावा किया।